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Haryana GK: Climate of Haryana Notes PDF Download हरियाणा की जलवायु

By Ravi Yadav

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यदि आप हरियाणा सामान्य ज्ञान (Haryana GK) की तैयारी कर रहे हैं, तो “Haryana GK: Climate of Haryana Notes PDF Download हरियाणा की जलवायु” एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। हरियाणा की जलवायु मुख्यतः उष्णकटिबंधीय प्रकार की है, जिसमें गर्मी, सर्दी और वर्षा ऋतुओं का स्पष्ट प्रभाव देखने को मिलता है। राज्य में तापमान, वर्षा और मौसमी परिवर्तन कृषि तथा जनजीवन को सीधे प्रभावित करते हैं। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको हरियाणा की जलवायु से संबंधित सरल, सटीक और विस्तृत नोट्स प्रदान करेंगे, जिससे आपकी परीक्षा की तैयारी मजबूत होगी। साथ ही, आप इन नोट्स का PDF डाउनलोड करके आसानी से त्वरित पुनरावृत्ति भी कर सकते हैं।

❖ समुद्र तट से दूर स्थित होने के कारण हरियाणा की जलवायु (अर्ध-ऊष्ण) महाद्वीपीय प्रकार की है।
❖ गर्मियों में तापमान अधिक तथा सर्दियों में तापमान अत्यधिक निम्न होता है।
❖ राज्य की जलवायु पर पश्चिमी विक्षोभ तथा दक्षिण-पश्चिमी मानसून का अत्यधिक प्रभाव रहता है।
❖ हालाँकि भारत की जलवायु मानसूनी होने के कारण बहुत स्तर पर हरियाणा राज्य भी मानसूनी जलवायु के अंतर्गत आता है।

Haryana GK: Climate of Haryana Notes PDF Download

जलवायु

❖ यहाँ तीन ही मानसूनों से वर्षा का पूरा लाभ नहीं मिल पाता। इस राज्य की जलवायु गंगा के मैदान की आर्द्र जलवायु और राजस्थान की अर्ध-मरुस्थलीय जलवायु के बीच की कही जा सकती है।
❖ डॉ. ब्लादीमीर कोपेन ने हरियाणा राज्य में दो प्रकार की जलवायु का उल्लेख किया है। यह हैं—आर्द्र उपोष्ण जलवायु (Cwa) तथा उपोष्ण स्टेपी जलवायु (BSh)।
❖ आर्द्र उपोष्ण जलवायु (Cwa), राज्य के उत्तरी भाग में शिवालिक हिमालय के निकटवर्ती क्षेत्रों में पाई जाती है। राज्य के अन्य हिस्सों में उपोष्ण स्टेपी जलवायु (BSh) पाई जाती है।
❖ आर्द्र उपोष्ण (Cwa) प्रकार की जलवायु शिवालिक श्रेणियों के निकटवर्ती क्षेत्र के 72 किमी चौड़ी मैदानी पट्टी में पाई जाती है जबकि राज्य के अन्य क्षेत्रों में उपोष्ण स्टेपी (BSh) प्रकार की जलवायु पाई जाती है।
❖ मानसून, वायु की दिशा आदि प्राकृतिक आधार पर हरियाणा की जलवायु को तीन ऋतुओं में विभाजित किया गया है जो निम्न प्रकार हैं—

1. ग्रीष्म ऋतु

❖ इसका समय (सामान्यतः): मध्य मार्च से जून के अन्त तक होता है। इसका औसत तापमान 35°C के आस-पास रहता है।
❖ इसका अधिकतम तापमान मई-जून में 45°C–46°C तक रहता है। दक्षिण व दक्षिण-पश्चिमी जिलों में लू नामक गर्म व शुष्क हवाएँ चलती हैं।
❖ हिसार जिला राज्य का सर्वाधिक गर्म जिला है।

2. शीत ऋतु

❖ इसका समय (सामान्यतः): मध्य सितम्बर से मार्च तक होता है। इसका औसत तापमान 12°C से 14°C के आस-पास रहता है।
❖ हरियाणा में न्यूनतम तापमान दिसंबर व जनवरी में 3°C–4°C तक रहता है। उत्तरी शिवालिक क्षेत्र में शीतकाल में शीतलहर का तापमान हिमांक बिंदु तक पहुँच जाता है। दक्षिण-पश्चिमी भाग में शुष्क शीत ऋतु पाई जाती है।

3. वर्षा ऋतु

❖ राज्य में वर्षा का मौसम सामान्यतः जुलाई प्रारम्भ से मध्य सितम्बर तक होता है। यहाँ की वार्षिक औसत वर्षा लगभग 30 सेमी (300 मिमी) से 110 सेमी (1,100 मिमी) के मध्य रहती है।
❖ हरियाणा की गणना भारत के न्यूनतम वर्षा वाले राज्यों में होती है।
❖ भौगोलिक विविधता के कारण हरियाणा के दक्षिणी-पश्चिमी भाग तथा राजस्थान के सीमावर्ती जिलों के कुछ भागों में 30 सेमी से भी कम वर्षा होती है।
❖ यहाँ शिवालिक क्षेत्र में वर्षा की मात्रा लगभग 110 सेमी तक हो जाती है। राज्य में जून से सितम्बर के मध्य वर्षा मुख्यतः बंगाल की खाड़ी से आने वाले दक्षिण-पश्चिमी मानसून से होती है।
❖ हरियाणा में सबसे अधिक वर्षा होने के कारण यमुनानगर के छछरौली को हरियाणा का चेरापूंजी कहा जाता है।

❖ राज्य में वर्षा अनिश्चित, अनियमित तथा असमान होती है।
❖ शीतकाल में फारस की खाड़ी से उठने वाले पश्चिमी विक्षोभों के कारण उत्तर भारत में वर्षा होती है, जो रबी की फसल के लिए उपयोगी होती है।
❖ इस स्थानीय भाषा में ‘मावठ’ कहते हैं। राज्य के पश्चिमी भाग में शीतकालीन वर्षा का अधिक प्रभाव नहीं रहता जबकि राज्य के उत्तरी व दक्षिणी भागों में कुछ वर्षा होती है।
❖ राज्य में सर्वाधिक और न्यूनतम औसत वार्षिक वर्षा क्रमशः अंबाला और सिरसा जिले में होती है।
❖ राज्य में वार्षिक वर्षा 300–550 मिमी के मध्य होती है तथा विविधता गुणांक 45% है।

राज्य की जलवायवीय विशेषताएँ

❖ हरियाणा की जलवायु मानसूनी है। राज्य के उत्तरी हिस्सों में हिमाचल प्रदेश से लगी सीमाओं पर उपोष्ण आर्द्र जलवायु का प्रभाव दिखता है।
❖ ग्रीष्म काल में वर्षा का अभाव, अधिक तापमान एवं अत्यधिक वाष्पीकरण देखने को मिलता है। शीतकाल में निम्न तापमान देखने को मिलता है।
❖ नारनौल तथा हिसार क्रमशः सर्वाधिक गर्म (ग्रीष्म काल में) तथा सर्वाधिक ठंडे (शीतकाल में) शहर हैं।
❖ करनाल, कुरुक्षेत्र और अंबाला जिलों के कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरे राज्य में कम और अनियमित वर्षा होती है।
❖ राज्य में सबसे गर्म जिला हिसार है।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति

❖ पर्वतीय क्षेत्र — 150 सेमी से अधिक
❖ दक्षिण क्षेत्र — 30 सेमी
❖ सामान्य क्षेत्र — 70–75 सेमी
❖ सबसे ज्यादा वर्षा — छछरौली (यमुनानगर)
❖ सबसे कम वर्षा — महेंद्रगढ़

Important Links

Climate of Haryana (Mock Test)Click Here
Haryana GKClick Here
About Haryana (Wikipedia)Click Here

Climate of Haryana क्या है?

Climate of Haryana एक उपोष्णकटिबंधीय (subtropical) और अर्ध-शुष्क (semi-arid) प्रकार का है, जिसमें मानसूनी प्रभाव देखने को मिलता है। यहाँ गर्मियों में अत्यधिक गर्मी और सर्दियों में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

Climate of Haryana में कितने मौसम होते हैं?

Climate of Haryana में मुख्यतः चार मौसम होते हैं—गर्मी (अप्रैल–जून), वर्षा (जुलाई–सितंबर), शरद/पोस्ट मानसून (अक्टूबर–नवंबर) और सर्दी (दिसंबर–फरवरी)। ये सभी मौसम राज्य के तापमान और वर्षा को प्रभावित करते हैं।

Climate of Haryana में तापमान और वर्षा कितनी होती है?

Climate of Haryana में तापमान काफी extreme होता है—गर्मियों में तापमान 45°C तक पहुँच सकता है, जबकि सर्दियों में यह 0°C के आसपास गिर सकता है। औसत वार्षिक वर्षा लगभग 40–60 सेमी होती है, जो मुख्यतः मानसून से प्राप्त होती है।

Climate of Haryana को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक क्या हैं?

Climate of Haryana को मुख्य रूप से दक्षिण-पश्चिम मानसून, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances), स्थलाकृति और अक्षांशीय स्थिति प्रभावित करते हैं। इन कारणों से राज्य में तापमान और वर्षा में काफी भिन्नता देखने को मिलती है।

Climate of Haryana के नोट्स कहाँ से पढ़ें या डाउनलोड करें?

आप Climate of Haryana और Haryana GK से जुड़े विस्तृत नोट्स और PDF www.hrgk.in जैसी वेबसाइट पर आसानी से पढ़ और डाउनलोड कर सकते हैं, जहाँ परीक्षा के अनुसार structured सामग्री उपलब्ध होती है।

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