यदि आप हरियाणा सामान्य ज्ञान (Haryana GK) की तैयारी कर रहे हैं, तो “Haryana GK: National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana Notes PDF Download हरियाणा का राष्ट्रीय उद्यान एवं वन्यजीव अभ्यारण्य” एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। हरियाणा में स्थित राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभ्यारण्य जैव विविधता, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए जाने जाते हैं। इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको हरियाणा के राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभ्यारण्यों से संबंधित सरल, सटीक और विस्तृत नोट्स प्रदान करेंगे, जिससे आपकी परीक्षा की तैयारी मजबूत होगी। साथ ही, आप यहां से इन नोट्स का PDF डाउनलोड करके आसानी से त्वरित पुनरावृत्ति भी कर सकते हैं।
❖ राज्य का लगभग 33,000 हेक्टेयर क्षेत्र वन्यजीव संरक्षित क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
❖ भारत में पाई जाने वाली पक्षियों की लगभग 1250 प्रजातियों में से हरियाणा राज्य में पक्षियों की लगभग 500 प्रजातियां पाई जाती हैं।
❖ वर्तमान में राज्य में 2 राष्ट्रीय उद्यान, 8 वन्यजीव अभयारण्य और 2 संरक्षित क्षेत्र हैं। राज्य में 7 वन्यजीव प्रजनन केंद्र, 3 चिड़ियाघर, 1 हाथी पुनर्स्थापन तथा 1 हिरण उद्यान अवस्थित है।
राष्ट्रीय उद्यान
1. सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान
❖ यह राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा के गुरुग्राम जिले के सुल्तानपुर में अवस्थित है।
❖ इसकी स्थापना वर्ष 1971 में महान पक्षी वैज्ञानिक डॉ. सलीम अली ने पक्षी विहार के रूप में की थी। इसे सलीम अली पक्षी विहार भी कहा जाता है।
❖ वर्ष 1972 में सुल्तानपुर को जलीय पक्षी हेतु आरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया।
❖ इसे 5 जुलाई 1991 में राष्ट्रीय उद्यान बनाया गया। यह उद्यान प्रवासी पक्षियों के लिए प्रसिद्ध है।
❖ इस राष्ट्रीय उद्यान में लगभग 250 पक्षी प्रजातियां पाई जाती हैं।
❖ यहां शीत ऋतु में प्रतिवर्ष सैकड़ों पक्षी प्रवास करते हैं, जिनमें साइबेरियन सारस प्रमुख हैं। इसका क्षेत्रफल 142.52 हेक्टेयर किमी है।
❖ इस उद्यान को पक्षियों का स्वर्ग भी कहते हैं। यह राज्य का सुप्रसिद्ध इको पार्क है।
❖ सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान की खोज 1970 में इंग्लैंड के पीटर जैक्सन व पीटर स्कॉट ने मिलकर की थी।
❖ सुल्तानपुर राष्ट्रीय उद्यान को वर्ष 2021 में रामसर स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया था।
2. कालेसर राष्ट्रीय उद्यान
❖ यह राष्ट्रीय उद्यान हरियाणा के पूर्वी भाग में अवस्थित है। यह उद्यान लाल जंगली मुर्गों के लिए प्रसिद्ध है। यह राष्ट्रीय उद्यान 4682.32 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला हुआ है।
❖ 8 दिसंबर, 2003 में इसे राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया। यह राज्य का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान है।
❖ इस राष्ट्रीय उद्यान में पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीव तेंदुआ, बार्किंग डियर, सांभर, चीतल, अजगर, किंग कोबरा, मॉनिटर छिपकली आदि हैं।
❖ इस उद्यान में साल, खैर, सिंदूर, नमक और सखर नामक वृक्ष काफी मात्रा में पाए जाते हैं।
❖ कालेसर उद्यान का नाम इस उद्यान के अंदर स्थित एक शिव मंदिर के नाम पर रखा गया है।
वन्यजीव अभयारण्य
❖ हरियाणा राज्य में स्थित 8 वन्यजीव अभयारण्यों के अंतर्गत कुल 23441.17 हेक्टेयर भू-भाग हैं।
1. भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह अभयारण्य हरियाणा के झज्जर जिले में अवस्थित है। इसका क्षेत्रफल 411.55 हेक्टेयर है। यह अभयारण्य अपनी सुंदर झील के लिए प्रसिद्ध है।
❖ इस वन्य जीव अभयारण्य की स्थापना 5 जुलाई 1986 को की गई थी।
❖ यहाँ पक्षियों की लगभग 250 प्रजातियाँ पाई जाती हैं। यह भूरे हंस, बतख, लाल बुलबुल, किंगफिशर आदि के लिए प्रसिद्ध है।
❖ भारत सरकार ने इसे 3 जून, 2009 को पक्षी अभयारण्य के रूप में स्थापित किया।
❖ इसे मई 2021 में रामसर स्थल के रूप में नामित किया गया था।
❖ यह मानव निर्मित मीठे पानी की आर्द्र भूमि है और हरियाणा राज्य की सबसे बड़ी आर्द्रभूमि है।
2. खिलखिला वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के कुरुक्षेत्र में लगभग 28.92 हेक्टेयर में विस्तृत है। यह अभयारण्य शीतकालीन पक्षियों को आकर्षित करता है।
❖ इस वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 28 नवंबर 1986 को कुरुक्षेत्र के स्यौली कला गाँव में की गई थी।
❖ पर्यावरण की दृष्टि से इसे संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है।
❖ क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राज्य का सबसे छोटा वन्यजीव अभयारण्य है। इसमें मुख्यतः बतखें, बगुले, स्टार्क्स तथा पानी के अन्य पक्षी पाए जाते हैं।
3. बीर शिकारगाह वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह अभयारण्य हरियाणा के पंचकुला जिले में अवस्थित है।
❖ इस वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 29 मई 1987 को की गई थी।
❖ यह अभयारण्य 767.30 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है। यह वनस्पतियों और जन्तुओं की विविधता के लिए प्रसिद्ध है।
❖ यहाँ साम्भर, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर, जंगली मुर्गी इत्यादि वन्यजीवों की शरणस्थली है।
❖ वर्ष 2009 में इस वन्यजीव अभयारण्य को भारत सरकार ने पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया, जिसके तहत इस अभयारण्य के पाँच किमी के दायरे में विकास की अनुमति नहीं दी जाएगी।
4. नाहड़ (नाहर) वन्यजीव अभयारण्य
❖ इसकी स्थापना 30 जनवरी, 1987 को हुई थी। यह वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के रेवाड़ी जिले में संरक्षित वन के रूप में अवस्थित है।
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य 211.35 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है।
❖ यहाँ सियार, काला व भूरा तीतर, नीलगाय, लोमड़ी व काला हिरण रहते हैं।
❖ पूर्व में यह दुगाना के नवाब का चारागाह होता था।
❖ पर्यावरण की दृष्टि से इस अभयारण्य को जून, 2009 में संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया।
5. अबूबशहर वन्यजीव अभयारण्य
❖ अबूबशहर वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 30 जनवरी, 1987 को की गई थी।
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के सिरसा जिले में अवस्थित है। यह अभयारण्य 11,530.56 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है।
❖ क्षेत्रफल की दृष्टि से यह राज्य का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है।
6. खापड़वास (खपरवास) वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य प्रवासी पक्षियों के विभिन्न प्रकारों के लिए प्रसिद्ध है।
❖ इस वन्यजीव अभयारण्य में बगुले, बतखें, स्टार्क्स तथा पानी के अन्य पक्षी पाए जाते हैं।
❖ खापड़वास वन्यजीव अभयारण्य की स्थापना 30 जनवरी, 1987 को की गई थी।
❖ यह अभयारण्य 82.70 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तृत है।
❖ यह झज्जर जिले में भिंडावास वन्यजीव अभयारण्य से मात्र 1.5 किमी की दूरी पर झज्जर-कोसली रोड पर अवस्थित है।
❖ पर्यावरण एवं प्रदूषण की दृष्टि से यह संवेदनशील क्षेत्र के तहत आता है।
7. कालेसर वन्यजीव अभयारण्य
❖ हरियाणा के यमुनानगर जिले में अवस्थित यह अभयारण्य पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है।
❖ 13 दिसंबर, 1996 को स्थापित कालेसर वन्यजीव अभयारण्य का क्षेत्रफल 5435.72 हेक्टेयर था, परन्तु 13 जनवरी, 2000 को एक अधिसूचना जारी करके इस अभयारण्य में 90.11 हेक्टेयर क्षेत्रफल की और वृद्धि कर दी गई।
❖ यह हरियाणा राज्य का दूसरा सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है।
❖ यह हरियाणा राज्य का एकमात्र ऐसा अभयारण्य है जिसे राष्ट्रीय पार्क का दर्जा प्राप्त हुआ है।
❖ यहाँ साम्भर, चीतल, भौंकने वाले हिरण, नीलगाय आदि निवास करते हैं।
❖ इस अभयारण्य को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है।
8. खोल-ही-रेतान वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य शिवालिक की पहाड़ियों में पंचकुला जिले में बीर शिकरगढ़ अभयारण्य के समीप अवस्थित है।
❖ यह अभयारण्य 4882.96 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विस्तृत है। इस अभयारण्य की स्थापना 10 दिसंबर, 2004 को की गई थी। स्थापना के समय इस अभयारण्य का क्षेत्रफल 2226.58 हेक्टेयर था।
❖ इसके अतिरिक्त अभयारण्य के चारों ओर 7 सितंबर 2007 में इस अभयारण्य में 2656.38 हेक्टेयर भूमि और जोड़ दी गई।
❖ इस वन्यजीव अभयारण्य के अतिरिक्त अभयारण्य के चारों ओर 1320 हेक्टेयर इको संवेदनशील जोन है।
❖ यहाँ चीतल, धब्बेदार हिरण, जंगली बिल्ली, भारतीय लोमड़ी, सियार और जंगली बन्दर पाए जाते हैं।
❖ इस अभयारण्य को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है।
स्रोत– हरियाणा सरकार एवं हरियाणा वन विभाग।
संरक्षण रिजर्व
❖ हरियाणा में 2 संरक्षण रिजर्व उपस्थित हैं, जो राज्य के 4872.11 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत हैं।
1. सरस्वती वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य 4452.85 हेक्टेयर में विस्तृत है। हरियाणा के कैथल और कुरुक्षेत्र जिले में स्थित यह अभयारण्य राज्य का तीसरा सबसे बड़ा वन क्षेत्र है।
❖ इसे 11 अक्टूबर, 2007 को मान्यता प्रदान की गई। यहाँ हिरण पाए जाते हैं।
❖ इस संरक्षण रिजर्व क्षेत्र को सोमसर (सौंसर) जंगल के नाम से भी जाना जाता है।
2. बीरबारा वन्यजीव अभयारण्य
❖ यह वन्यजीव अभयारण्य हरियाणा के जींद जिले में अवस्थित है। यह 419.26 हेक्टेयर क्षेत्र में विस्तृत है।
❖ इसे 11 अक्टूबर 2007 को मान्यता प्रदान की गई।
प्रमुख प्रजनन केंद्र
| प्रजनन केंद्र | अवस्थित | स्थापना |
|---|---|---|
| चिंकारा प्रजनन केंद्र | कैथल (भिवानी) | 1985 |
| गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र | पिंजौर (पंचकुला) | |
| मगरमच्छ प्रजनन केंद्र | भौर सैदां (कुरुक्षेत्र) | 1981–82 |
| तीतर प्रजनन केंद्र | मोरनी (पंचकुला) | |
| मोर एवं चिंकारा प्रजनन केंद्र | झाबुआ (रेवाड़ी) | 2011 |
| रेड जंगल फाउल प्रजनन केंद्र | पिंजौर (पंचकुला) | |
| काला तीतर प्रजनन केंद्र | पिपली (कुरुक्षेत्र) | 1985–86 |
| केंद्रीय अश्व प्रजनन केंद्र | हिसार | 1986 |
| केंद्रीय भेड़ प्रजनन केंद्र | हिसार | |
| केंद्रीय भैंस प्रजनन केंद्र | हिसार | 1985 |
| ऊँट प्रजनन केंद्र | सिरसा | |
| सूअर प्रजनन केंद्र | हिसार |
वन्यजीव संरक्षण
❖ हरियाणा में प्राकृतिक वनों की कमी है, परन्तु जलवायु विविधता के कारण ये वन्यजीवों, विशेष रूप से स्थानीय एवं प्रवासी पक्षियों की प्रजाति हेतु प्राकृतिक आवास के रूप में उपयुक्त हैं।
❖ इस क्रम में पिंजौर के निकट रेड जंगल फाउल प्रजनन केंद्र की स्थापना कर वन्यजीवों को संरक्षण दिया गया है।
❖ गिद्धों के संरक्षण हेतु पिंजौर में ही गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र की स्थापना की गई है।
❖ इस केंद्र की स्थापना में सहयोग देने वाली प्रमुख राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाएं रॉयल सोसाइटी ऑफ प्रोटेक्शन ऑफ बर्ड्स (यूके), जूलॉजिकल सोसायटी ऑफ लंदन (यूके) एवं बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी हैं।
चिड़ियाघर
❖ हरियाणा में 3 चिड़ियाघर स्थापित किए गए हैं—
1. छोटा चिड़ियाघर
❖ इसकी स्थापना वर्ष 1982 में भिवानी में की गई थी, इस चिड़ियाघर का क्षेत्रफल लगभग 4.44 एकड़ है।
❖ इस चिड़ियाघर में मगरमच्छ, काले भालू, लोमड़ी, चितेदार हिरण, सांभर, दरियाई घोड़ा, लंगूर, जंगली सूअर, तेंदुआ, बाघ आदि पाए जाते हैं।
❖ इस चिड़ियाघर में 3 अक्टूबर, 1982 को हिरण पार्क तथा 5 सितंबर, 1983 को भालू पार्क की स्थापना की गई थी।
❖ यह राज्य का सबसे पहला, छोटा और पुराना चिड़ियाघर है।
❖ वर्तमान में इस चिड़ियाघर का नाम चौधरी सुरेन्द्र सिंह मेमोरियल पार्क है।
2. पिपली चिड़ियाघर
❖ इस चिड़ियाघर की स्थापना वर्ष 1982–83 में कुरुक्षेत्र के पिपली में की गई थी। इस चिड़ियाघर का क्षेत्रफल 25 एकड़ है।
❖ यह चिड़ियाघर राष्ट्रीय राजमार्ग-1 पर स्थित है।
❖ काला तीतर प्रजनन केंद्र पिपली (कुरुक्षेत्र) में स्थित है।
3. रोहतक चिड़ियाघर
❖ इसकी स्थापना वर्ष 1985–86 में की गई तथा इसका क्षेत्रफल 44 एकड़ है। इस चिड़ियाघर को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने 28 मार्च, 2005 को अपनी स्वीकृति प्रदान की।
❖ रोहतक चिड़ियाघर में मगरमच्छ, घड़ियाल, दरियाई घोड़ा, बाघ, लकड़बग्घा, भेड़िया, सियार, उल्लू, काला हिरण, सांभर, लंगूर, पूंछ वाला बन्दर आदि पशु मिलते हैं।
❖ यह राज्य का सबसे बड़ा चिड़ियाघर है। यह चिड़ियाघर राष्ट्रीय राजमार्ग-9 (पुराना नाम राष्ट्रीय राजमार्ग-10) पर तिलियार झील के निकट स्थित है।
हिरण उद्यान
❖ हरियाणा के हिसार जिले में 1970–71 में हिरण उद्यान (डियर पार्क) की स्थापना की गई थी।
❖ यह हिरण पार्क 48 एकड़ में विस्तृत है।
❖ वन विभाग के अनुसार राज्य में केवल एक हिरण पार्क अवस्थित है – हिसार हिरण पार्क।
Important Links
| National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana (Mock Test) | Click Here |
| Haryana GK | Click Here |
| About Haryana (Wikipedia) | Click Here |
1. National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana क्या हैं?
National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana राज्य के संरक्षित क्षेत्र हैं, जिन्हें वन्यजीवों, जैव विविधता और प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बनाया गया है। इन क्षेत्रों को Wildlife Protection Act 1972 के तहत संरक्षित किया जाता है।
2. National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana में कितने National Parks हैं?
National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana के अंतर्गत हरियाणा में कुल 2 National Parks हैं—Sultanpur National Park (गुरुग्राम) और Kalesar National Park (यमुनानगर)।
3. Haryana में कितने Wildlife Sanctuaries हैं?
National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana के अनुसार राज्य में कुल 8 Wildlife Sanctuaries हैं, जैसे—Bir Shikargah, Khol Hi-Raitan, Bhindawas, Khaparwas, Nahar आदि, जो विभिन्न जिलों में स्थित हैं।
4. National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana का महत्व क्या है?
ये संरक्षित क्षेत्र पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वन्यजीवों की सुरक्षा, जल संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही ये इको-टूरिज्म और रिसर्च के लिए भी उपयोगी हैं।
5. National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana के नोट्स कहाँ से पढ़ें?
आप National Parks and Wildlife Sanctuaries of Haryana से जुड़े विस्तृत नोट्स और PDF आसानी से www.hrgk.in जैसी वेबसाइट पर पढ़ और डाउनलोड कर सकते हैं, जहाँ Haryana GK के सभी टॉपिक्स exam-oriented तरीके से उपलब्ध हैं।
